विरह-अग्नि

ब्रम्हज्ञानी संतश्री परमपूज्य आसाराम बापूजी

[सूरत,जन्माष्टमी 1 सप्टेबर  2010 सत्संग अमृत ]
पुण्य कर्म का फल सुख देकर नष्ट होता है, पाप का फल दुःख देके नष्ट होता है…तो भक्ति का फल भी सुख देके नष्ट होता है क्या?
सनातन गोसाई ने व्याख्या  की है:-
भक्ति का फल नश्वर नहीं है..
कर्म करते तो उस में क्रिया होती, वस्तु More >

सुखद साधनों का मूल

अलवर (राजस्थान) ; २९-३०अगस्त २०१०

भगवान से प्रीति होने से व्यक्ति परम प्रेमास्पद होता है..संसार की चीजों में प्रेम नहीं होता है , प्रेम मनुष्य करता है…. भगवान में प्रेम करने से भगवान में अनंत प्रेम होता है..
भगवान में अनंत प्रेम का पता इसलिए नहीं चलता की काम में प्रीति,लोभ में प्रीति, More >

धर्म क्या है ?

समाचार : राजधानी देल्ही  के तिहार सेंट्रल जेल में संत श्री आसाराम जी आश्रम देल्ही  द्वारा रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया…जो की अपने आप में मानवता की एक सुन्दर मिसाल है..

साधिका बहेनों  ने तिहार  जेल के भाइयों के कलाईयों पर राखी बांधते  हुए संकल्प करवाए की वे भाई अब अपने जीवन More >

आत्म कोहिनूर को पाओ ..

( श्रावण रक्षा बंधन पूनम,  22-23 अगस्त 2010 अहमदाबाद  आश्रम और 24 अगस्त 2010 रजोकरी आश्रम , देल्ही सत्संग अमृत )

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शरद ऋतू  का प्रभाव शुरू हुआ है…
आज की नारियली पूनम से मछवारे अपनी नावे लेकर समुन्दर में  आगे तक More >

आत्म स्वभाव में बैठो

पुज्यश्री बापूजी आज नेवई से  जयपुर बाय रोड पधारे …जयपुर में लाखों भक्तों ने श्री सदगुरुदेव जी भगवान का दर्शन और सत्संग का लाभ लिया …पुज्यश्री बापूजी पूनम व्रत धारियों को बोले की आप ये ही पूनम मान लेना…देल्ही या अमदाबाद की दौड़ भाग नहीं करना ….दया के सागर  करूणानिधान पुज्यश्री More >

कलियुग में सतयुग कहाँ है ?

ब्रम्हज्ञानी संतश्री परमपूज्य आसाराम बापूजी नेवई के व्यासपीठ से
16-19 अगस्त 2010

भारत कोई गाजर मुली है जो कोई भी चबा  लेगा?
कितनी कुर्बानी के बाद आजादी मिली है..अब हम अपने देश को गुलाम होने से हर कीमत पर बचायेंगे…
इन धर्मान्तरणवालो ने कई देशो को गुलाम बना डाला, कई संस्कृतियों को कुचल डाला..
रोम की संस्कृति , More >

अवसर का फ़ायदा उठाओ

(पुज्यश्री  बापूजी के लेटेस्ट सत्संग कार्यक्रम से )
कर्म में 3 सत्ता काम करती है..
* प्रकृति की सत्ता
* भगवत सत्ता
* जीव की अपनी सत्ता
पहेली सत्ता है प्रकृति की सत्ता…जैसे बिज में से पौधा -फल- फूल होते..बारिश होती आदि..हम ने खाना खाया तो उस में से खून प्रकृति ही बनाती More >

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री को हुआ सत्संग में विशेष अनुभव !

आज 15 अगस्त 2010 एक ही दिन में पुज्यश्री बापूजी 5 स्थानों पर दर्शन सत्संग से लोगों को लाभान्वित कर रहे है…..शिवपुर झांसी, मौ(रानीपुर), टीकमगढ़ , छत्तरपुर ऐसे 5 स्थानों पर पुज्यश्री बापूजी हेलिकॉप्टर से जा रहे है…

झाँसी के सत्संग पंडाल में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री More >

राजस्थान सत्संग समाचार(9 जुलाई से 13 जुलाई 2010तक )

जहां आज भी मीरा   बाई   की भक्ति  की सुगंध  आ  रही है ऐसे राजस्थान की पवित्र  धरा   पर ब्रम्हज्ञानी संतश्री परम पूज्य बापूजी 11 जुलाई 2010 को पुष्कर , बाड़मेर ,अमेट और श्रीनाथद्वारा ऐसे एक ही दिन में ४ जगह भक्तो को दर्शन सत्संग से निहाल किये …
कोटा में More >

तीर्थक्षेत्र पुष्करराज सत्संग अमृत

7 से  9 अगस्त 2010 ;  तीर्थक्षेत्र पुष्करराज  सत्संग अमृत समाचार :  तीर्थ राज पुष्कर के पावन क्षेत्र में मेला मैदान पर  3 दिवसीय सत्संग में लाखों लाखों सौभाग्यशाली भाग्यवानों ने ब्रम्ह ज्ञान का सत्संग और सच्चे संत का दर्शन कर के अपना जीवन उत्थान किया ….
आखिल भारतीय किन्नर समाज की More >